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होली 2021 निबंध,महत्त्व, इतिहास, कथा ( Holi Festival significance, Katha, History in Hindi)

 

होली त्यौहार निबंध 2021 महत्त्व, इतिहास, कथा | Holi Festival 2021 significance, Katha, History in Hindi


होली का त्योहार वसंत ऋतु मे मनाया जाता है यह हमारे हिन्दू पंचांग के हिसाब से फाल्गुन मास मे
पूर्णिमा के दिन हमारे हिन्दू धर्म इसे मानते है यह मुख्यतः भारतीय और नेपाली देश मे लोग इस त्योहार
को मानते है  यह भारत मे परसिद्ध त्योहार मे से एक है यह त्योहार सिर्फ भारत और नेपाल को छोड कर
और सारे देश जहा हिन्दू लोग रहते है वहाँ भी यह त्योहार बरे धूम धाम से मानते है | इस त्योहार को
हम लोग दो दिन मनाते है पहले दिन जिसे हमलोग होलीका दहन के रूप मे मनाते है और दूसरे दिन
धूलिवन्दन यानि की एक दूसरे के ऊपर रंग अबीर डाल कर इस त्योहार को मानते है हमलोग इस
त्योहार को ढोल बजा कर होली के गीत गातें है और एक दूसरे को रंग लगाया जाता है
होली के दिन हमलोग किसी से पुरानी बुराई को भूल कर एक दूसरे से मिल कर रंगों का त्योहार मानते है
रंग लगने का समय करीब दोपहर तक ही चलता है फिर इसके बाद हमलोग अच्छे से नहा कर नया
कपड़ा पहन कर साम के समय फिर एक बार अबीर लगाने के लिये निकल पड़ते है इस समय बड़ों को
आशीर्वाद उनके पैरों पर अबीर रख कर लेते है और उनके यहा पकवान भी खाते है  |
 


होली का त्योहार क्यू मानते  है


हर त्योहार के पीछे एक वजह जारूर होता है तो होली मनाने के पीछे भी एक इतिहास है
तो सबसे पहले हिरण्याकश्यप की कहानी के बारे मे जानते है हिरण्याकश्यप एक कुरुर राजा था जिसने पूरे पृथ्वी पर अपना अधिपत्य अधिकार जमाने लगे थे
पूरे धरती को अपने कब्जे मे लेकर उन्हे इस बात का उसे बहुत ही घमंड था और इतना घमंड कर ने लगे वो अपने आपको भगवान विष्णु से श्रेष्ठ उनसे उचा समझने लगे थे .
वो अपने आप को भगवान विष्णु का शत्रु यानि की दुशमन मानते थे, इसलिए हिरण्याकश्यप यह ठान रखी थी, कि वो
कोई भी आदमी को भगवान विष्णु की पूजा नहीं करने देगा या नहीं कर सकता और जो भी आदमी उसका बात नहीं मन कर पूजा करेगा हिरण्याकश्यप उसे मार देगा.
हिरण्याकश्यप सभी भगवान विष्णु के भक्तो पर अत्याचार करना शुरू कर दिया , उनका मनसा ही यही था की भगवान विष्णु का दर्जा उसे मिल जाए
उसी घमंडी हिरण्याकश्यप का पुत्र भी था जिसका नाम प्रहलाद था.
पर प्रहलाद में अपने पिता के जैसे कोई भी बुरा गुण नही थे. प्रहलाद एक बहुत ही बड़ा विष्णु भक्त था और हमेशा  
भगवान विष्णु का नाम जपता था. यह बात हिरण्याकश्यप को थोड़ा भी नहीं भाता था वह अपने पुत्र को बहुत समझाने की कोशिश की
पर उनका पुत्र अपने पिता का एक नहीं सुना और पूजा करता ही रहा
 फिर उसने अपने ही पुत्र प्रहलाद को मारने का निर्णय लिया, जिसके लिए उसने
अपनी बहन होलिका को बुलाया.

होलिका को आशीर्वाद या वरदान यह मिला था, कि उसे कोई भी आग उसे जला नहीं
 सकती, लेकिन होलिका अगर इस वरदान का गलत इस्तेमाल करेगी,
 तो जल कर भस्म हो जाएगी. अपने भाई हिरण्याकश्यप की आज्ञा मान कर के बहन होलिका
अपने भतीजा को गोदी मे लेकर लकड़ी के गठर पे बैठ गई उसके बाद अपने सैनिक को हुकूम देती है उस लकड़ी को आग लगाओ
और प्रहलाद उस समय भी भगवान विष्णु के जाप कर रहा था भगवान विष्णु उसको रक्षा करते है
और होलीका को जलाके के भस्म कर देते है
इसका मतलब बुराई पे अछाई की जीत है और इसी पर होली का
त्योहार मनाया जाता हैं.

2021 मे होली कब है

साल 2021 में होलिका दहन 28 मार्च 2020, को है और 29 मार्च 2021 को बरी होली मनाई जायेगी.

होलिका दहन का
मुहूर्त या समय      = 20:58 से 24:34
समय अवधि         = 3 घंटा 36 मिनिट
भद्रा पूंछा              = 17:24 से 18:25
भद्रा मुख              =18:25 से 20:07

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होली त्योहार पे गीत


1.Hori खेले Raghuveera | Baghban | Amitabh Bachchan, Hema Malini

2.रंग Barse            | Silsila | Amitabh Bachchan, Rekha, Sanjeev K, Jaya

3. Aaj ना Chodenge     | Kati Patang | Kishore Kumar & Lata Mangeshkar Superhit Holi Song

4.Ang से Ang Lagana   | Darr | Shah Rukh Khan, Juhi, Sunny Deol

5.Saat Rang मे Khell Rahi Hai | Aakhir Kyon 1985 | Amit Kumar, Anuradha Paudwal |  Songs | Smita Patil


FAQ


1. विदेश में होली कैसे मनाते हैं ?
   विदेशों मे होली हर जगह यानि की हर मोहल्ले मे होली खेलने के जगह एक बड़ा और खाली जगह मे
   होली का आयोजन रखा जाता है और उसी खाली जगह पे आस पास के आदमी सब पहुच के इस त्योहार को         मनाते है

2. होली के दिन मौसम कैसा है ?

    होली के दिन मौसम न ज्यादा ठंड और ना ज्यादा गर्मी वाली रहती है

3. होली की मुबारकबाद कैसे दें ?

   होली का मुबारकबाद हम अपने पुराने गीले सिकवे को भूल कर एक दूसरे को अबीर लगाकर मुबारकबाद दे         सकते है

4. होली पर क्या नहीं करना चाहिए ?  

    होली रंग का त्योहार सब कुछ करे लेकिन मर्यादा मे रह कर ही
    शिष्टाचार का पूरा ध्यान रखें |

5. होली के रंग खेलने से क्या होता है ?
    होली मे रंग खेलना से यह माना जाता है की रंग खुशियाँ, एक दूसरे से सदा भाव का प्रतीक है
   और होली के दिन आपस मे सारे क्रुति को भूल कर होली का त्योहार मनाए

6. हाउ टू प्ले होली ?
  होली रंग अबीर को एक दूसरे पे लगा कर खेले

7. होली में हॉस्पिटल खुला है ?
   होली मे अस्पताल खुले रहते है और कुछ अस्पताल सिर्फ emergency case को ही लेते है



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